ईरान पर हमले के खिलाफ युद्ध-विरोधी शांति मार्च का आयोजन
भाकपा –माले द्वारा ईरान पर अमेरिका–इज़रायल के साम्राज्यवादी गठजोड़ द्वारा किए जा रहे हमलों और युद्ध की आक्रामक नीति के खिलाफ आज पटना में युद्ध-विरोधी शांति मार्च का आयोजन किया गया. मार्च में शामिल वक्ताओं और कार्यकर्ताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे वैश्विक शांति और मानवता के लिए गंभीर खतरा बताया.
पटना, 7 मार्च 2026- भाकपा –माले द्वारा ईरान पर अमेरिका–इज़रायल के साम्राज्यवादी गठजोड़ द्वारा किए जा रहे हमलों और युद्ध की आक्रामक नीति के खिलाफ आज पटना में युद्ध-विरोधी शांति मार्च का आयोजन किया गया. मार्च में शामिल वक्ताओं और कार्यकर्ताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे वैश्विक शांति और मानवता के लिए गंभीर खतरा बताया.
शांति मार्च पटना के जीपीओ गोलंबर से शुरू होकर स्टेशन रोड होते हुए स्टेशन गोलंबर तक गया, जहां एक सभा आयोजित की गई. सभा में वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ किया जा रहा हमला एक सुनियोजित साम्राज्यवादी आक्रामकता है, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाना और एपस्टिन फाइल से दुनिया का ध्यान अन्य मुद्दों से भटकाना है.
वक्ताओं ने भारत सरकार से मांग की कि वह इस युद्ध पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए ईरान के खिलाफ हो रहे हमले का विरोध करे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति तथा कूटनीतिक समाधान की पहल करे. उन्होंने कहा कि भारत की जनता शांति, न्याय और संप्रभुता के पक्ष में खड़ी है तथा ईरान की जनता के संघर्ष के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करती है.
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दुनिया भर के शांति-प्रिय लोगों से अपील की कि वे युद्ध और साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज़ बुलंद करें और वैश्विक शांति की रक्षा के लिए एकजुट हों.
इस मार्च में मुख्य रूप से एमएलसी शशि यादव, केडी यादव, उमेश सिंह, कमलेश शर्मा, जितेंद्र कुमार, मुर्तजा अली, अनय मेहता, आर एन ठाकुर, रामबली प्रसाद, डॉ. प्रकाश, पुनीत पाठक, संजय यादव, राखी मेहता, शहजादे आलम, विभा गुप्ता, प्रमोद यादव, कमलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट